रामायण के बारे में रोचक तथ्य

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  • रामायण एक संस्कृत महाकाव्य है जिसकी रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी।
  • हिंदू धर्म में रामायण का एक महत्वपूर्ण स्थान है जिसमें हम सबको रिश्तो के कर्तव्यों को समझाया गया है।
  • रामायण महाकाव्य में 24000 छंद और 500 सर्ग हैं जो कि 7 भागों में विभाजित हैं।
  • गायत्री मंत्र में 24 अक्षर होते हैं और वाल्मीकि रामायण में 24,000 श्लोक हैंl रामायण के हर 1000 श्लोक के बाद आने वाले पहले अक्षर से गायत्री मंत्र बनता हैl यह मंत्र इस पवित्र महाकाव्य का सार हैl गायत्री मंत्र को सर्वप्रथम ऋग्वेद में उल्लिखित किया गया हैl
  • राजा दशरथ ने अपने कुल गुरु ऋषि वशिष्ठ की सलाह मानकर पुत्र कमेस्टि यज्ञ करवाया, उस यज्ञ के फलस्वरुप राजा दशरथ को चार पुत्र प्राप्त हुए। उनकी पहली पत्नी कोशल्या से प्रभु श्री राम, कैकई से भारत और सुमित्रा से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ।
  • रावण भगवान शिव के भक्त थे। भगवान को प्रभावित करने के लिए, उसने अपने सिर का त्याग किया ऐसा दस बार हुआ, जिसके बाद भगवान शिव ने उनको सभी सर दे दिया।
  • ऋषि वाल्मीकि की रामायण में सीता स्वयंवर का कोई जिक्र नहीं है। रामायण के अनुसार ऋषि विश्वामित्र श्री राम और लक्ष्मण जी को अपने साथ मिथिला लेकर गए। वहां पहुँच कर ऋषि विश्वामित्र ने मिथिला नरेश से आग्रह किया कि वे उन्हें शिव धनुष दिखाए। उसी समय खेल-खेल में भगवान राम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते समय वह टूट गया।
  • सोने की लंका रावण कि नहीं बल्कि उसके बड़े भाई कुबेर की थी। रावण ने लंका अपने बड़े भाई को विश्व विजय हेतु किये गए युद्ध में हराकर हासिल की थी।
  • रावण ने पुष्पक विमान भी कुबेर से ही छीना था।
  • लक्ष्मण 14 वर्ष के निर्वासन के दौरान राम और सीता को बचाने के प्रयास में नहीं सोये थे।
  • लक्ष्मण के स्थान पर, उनकी पत्नी उर्मिला 14 साल तक सोती थीं
  • नंदी, बैल, ने रावण को शाप दिया था उन्होंने कहा था कि बंदरों आपके विनाश का कारण बन जाएंगे।
  • एक युद्ध के दौरान रावण ने शूर्पणखा के पति “विद्युतजिव्ह” का वध कर दिया था। जिस पर शूर्पणखा ने रावण को मन ही मन श्राप दिया कि मेरे ही कारण तेरा नाश होगा।
  •  FactsArea आनंद रामायण जो कि रामायण का संस्कृत रूपांतरण है, के अनुसार रावण ने ना सिर्फ सीता का अपहरण किया था बल्कि वह एक बार राम की मां कौशल्या का भी अपहरण कर चुका था।
  • ब्रह्मा ने रावण को पहले ही बता दिया था कि दशरथ और कौशल्या का पुत्र उसकी मौत का कारण बनेगा। अपनी मौत को टालने के लिए दशरथ और कैकेयी के विवाह के दिन ही रावण, कौशल्या को एक डब्बे में बंद कर एक सुनसान द्वीप पर छोड़ आया था।
  • नारद ने रावण की यह हरकत और उस स्थान के बारे में दशरथ को बताया जहां कौशल्या को रखा गया था। दशरथ, रावण से युद्ध करने के लिए अपनी सेना लेकर द्वीप पर पहुंच गए। रावण की राक्षसी सेना के सामने दशरथ की सेना का विनाश हो गया।
  • लेकिन दशरथ एक लकड़ी के तख्ते के सहारे समुद्र में तैरते रहे और उस बक्से तक पहुंच गए जिसमें कौशल्या को बंधक बनाकर रखा गया था।
  • रावण को लगता था कि दशरथ भी अपनी सेना के साथ मारे जा चुके हैं इसलिए रावण की नजरों से बचते हुए दशरथ भी कौशल्या के साथ उसी बक्से में चले गए और जल्दी-जल्दी में नारद और अन्य ऋषियों ने वहां पहुंचकर उनका विवाह करवाया।
  • राम के अलावा कौशल्या और दशरथ की एक और संतान थी, उनकी पुत्री शांता। शांता को उन्होंने अपनी बड़ी बहन वर्षिनी और अंगदेश के महाराज रोंपद को गोद दे दिया था।
  • रामचरित मानस के अनुसार कि राम-रावण का युद्ध 32 दिन चला था जबकि दोनों सेनाओं के बीच 87 दिन तक युद्ध हुआ.
  •  FactsArea लंका पहुँचने के लिए समुन्द्र पर रामसेतु का निर्माण करने में सिर्फ 5 दिन लगे थे.
  • जब बंदर राम सेतु बना रहे थे, एक गिलहरी उन्हें मदद करने की कोशिश की। बंदर ने इसे मजाक किया, लेकिन भगवान राम अपने समर्पण से प्रभावित हुआ। राम ने गिलहरी के पीछे पीटकर सफेद धारियों को अपनी उंगलियों के निशान के रूप में दिखाई दिया।
  • रामजी के धनुष का नाम कोदंड था.
  • लंका पर चढ़ाई करने से पहले श्रीराम ने रामेश्वरम में शिव लिंग बना कर शिव अराधना की थी. आज भी रामेश्वरम हिन्दुओं के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है.
  • आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि रामायण काल के तीन लोग आज भी जिंदा है। इनका नाम हनुमान, जामवंत और विभिषण है।
  • आज उसे रामसेतु कहते हैं ज‍बकि राम ने इस सेतु का नाम नल सेतु रखा था।
  • रामायण में एक जगह यह भी बताया गया है कि रावण ने भगवान राम के लिए यज्ञ किया था
  • रावण के दादाजी का अनाम प्रजापति पुलत्स्य था जो ब्रह्मा जी के दस पुत्रो में से एक थे |
  • जिस दिन रावण सीता का हरण कर अशोक वाटिका में लाया। उसी रात भगवान ब्रह्मा के कहने पर देवराज इंद्र माता सीता के लिए खीर लेकर आए। पहले इंद्र ने अशोक वाटिका के सभी राक्षसों को मोहित कर सुला दिया। उसके बाद माता सीता को खीर अर्पित की। इसे खाने से सीता की भूख-प्यास शांत हो गई।
  • रावण एक उत्कृष्ट वीणा वादक था जिसके कारण उसके ध्वज में प्रतीक के रूप में वीणा अंकित था|
  • ऐसा माना जाता है कि जब सीता ने पृथ्वी के अन्दर समाहित होकर अपने शरीर का परित्याग कर दिया तो उसके बाद राम ने सरयू नदी में जल समाधि लेकर पृथ्वीलोक का परित्याग किया था|
  • जब काफी समय तक राम-रावण का युद्ध चलता रहा तब अगस्त्य मुनि ने श्रीराम से आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करने को कहा, जिसके प्रभाव से भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया।
  • आधुनिक काल वाले वानर नहीं थे हनुमान जी :- कहा जाता है कि कपि नामक एक वानर जाति थी। हनुमानजी उसी जाति के ब्राह्मण थे।
  • कहते हैं जब हनुमान जी ने लंका में आग लगाई थी, और वे एक सिरे से दूसरे सिरे तक जा रहे थे, तो उनकी नजर शनि देव पर पड़ गयी ! वे एक कोठरी में बंधे पड़े थे ! हनुमान जी ने उन्हें बंधन मुक्त किया !
  • विश्व में रामायण का वाचन करने वाले पहले वाचक कोई और नहीं बल्कि स्वयं भगवान श्री राम के पुत्र लव और कुश थे | जिन्होंने रामकथा स्वयं अपने पिता श्री राम के आगे गायी थी | पहली रामकथा पूरी करने के बाद लव कुश ने कहा भी था हे पितु भाग्य हमारे जागे, राम कथा कहि राम के आगे
  • जिस समय भगवान श्रीराम वनवास गए, उस समय उनकी आयु लगभग 27 वर्ष थी।

रामायण टीवी सीरियल से जुड़े 20 रोचक तथ्य

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  • रामायण भारतीय टीवी पर प्रसारित होने वाला पहला पौराणिक धारावाहिक था जो 1986 में रामानंद सागर द्वारा निर्देशित किया गया था |
  • इस धारावाहिक का पहला एपिसोड 25 जनवरी 1986 को दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया था जो हर रविवार को सिर्फ आधे घंटे के लिए प्रसारित होता था |
  • इस धारावाहिक को मुख्यतः वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रामचरितमानस के आधार पर निर्मित किया गया |
  • लगभग 2 सालो तक लगातार प्रसारण के बाद 31 जुलाई 1988 को रामानंद सागर की रामायण का अंतिम एपिसोड प्रसारित हुआ था
  • इस टीवी सीरियल में अरुण गोविल ने भगवान राम का और दारा सिंह ने महाबली हनुमान का किरदार निभाया था जिसके बाद से पुरे देश की जनता उनको राम और हनुमान की तरह पूजने लगी थी | इस नाटक की लोकप्रियता इतनी थी लोग इस नाटक के पात्रो को जीवंत देखते थे |
  • रामायण के निर्माण के लिए रामानंद सागर को ढेरो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय इनाम दिए गये |
  • रामायण का अपना एक वर्ल्ड रिकॉर्ड लिम्का बुक और वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है जो सबसे ज्यादा देखा जाने वाला पौराणिक नाटक “Worlds Most viewed Mythological Serial” था |
  • दूरदर्शन केवल इसी नाटक से एक सप्ताह के उस समय 40 लाख कमा लेता था जो दूरदर्शन की आय का मुख्य स्त्रोत था |
  • हाल ही में एक मीडिया बातचीत में, प्रेम सागर, जो रामायण पर रामानंद सागर के सहायक थे, ने खुलासा किया कि शो की शूटिंग के दौरान, वे हर दिन सैकड़ों लोगों से मिलते थे, जो शूटिंग देखने के लिए दूर-दूर से आते थे।
  • सागर ने खुलासा किया कि उस समय, दर्शकों में इतना धैर्य था कि हर कोई चुपचाप कतार में खड़ा हो जाता था और दर्शकों के हिस्से से सेट पर कोई शोर नहीं हुआ करता था। शो के निर्माता उस समय भीड़ का सारा खाना और रहने का खर्च वहन करते थे।
  • रामायण की लोकप्रियता और अपार सफलता को देखते हुए रामानंद ने उत्तर काण्ड को कुव कुश सीरियल में दिखाया जो रामायण खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हो गया था |
  • इस नाटक को अमेरिका , यूरोप ,अफ्रीका और एशिया के कई देशो में भी प्रसारित किया गया जिससे रामायण का सन्देश पुरे संसार में फैला और हिन्दू धर्म के महत्ता पुरे विश्व में बढी |